
Major festivals in August 2026 in India
Plan August 2026 in India with a date-first guide to major festivals like Independence Day, Onam, Raksha Bandhan and more, plus key notes on observances that can shift with lunar calendars.
Stories about different festivals celebrated in Bharat

Plan August 2026 in India with a date-first guide to major festivals like Independence Day, Onam, Raksha Bandhan and more, plus key notes on observances that can shift with lunar calendars.

गुरु पूर्णिमेच्या आध्यात्मिक आणि सांस्कृतिक महत्त्वावर आधारित लेख, ज्यात गुरुपूजा, वेदव्यासांचे स्मरण आणि भारतीय शिक्षणपरंपरेतील गुरु-शिष्य नात्याचा अर्थ उलगडता येईल.
गुरु पूर्णिमा को केंद्र में रखकर भारतीय गुरु-शिष्य परंपरा, वेद व्यास और बुद्ध जैसे आचार्यों से जुड़ी कथाओं, तथा आध्यात्मिक गुरुओं और शिक्षकों के प्रति कृतज्ञता की प्राचीन और आधुनिक अभिव्यक्तियों पर आधारित होगा।
Bonalu is Telangana’s vibrant folk festival honoring Mother Goddess Mahakali—women offer decorated pots of food, joined by processions, drumming, and Rangam rituals.
तेलंगणातील बोनालु उत्सवावर आधारित लेख, ज्यात आषाढ महिन्यातील देवी उपासना, महिलांचे मातीचे कलश, महाकालीची आराधना आणि स्थानिक श्रद्धा यांचा सखोल परिचय
यह लेख तेलंगाना के बोनालु उत्सव पर गहराई से प्रकाश डालेगा, जिसमें महाकाली देवी की अराधना, घरों और मंदिरों में होने वाले अनुष्ठान, पारंपरिक नृत्य-गीत, और समुदायिक सुरक्षात्मक व स्वास्थ्य-संबंधी मान्यताओं को शामिल किया जाएगा।

यह लेख पारसी समुदाय के महत्वपूर्ण पर्व Pateti को गहराई से समझाने पर केंद्रित होगा। Pateti शब्द की उत्पत्ति फ़ारसी ‘Patet’ से है, जिसका अर्थ स्वीकारोक्ति या पश्चाताप है, और कैसे यह दिन जश्न से ज्यादा आत्म‑मंथन और नैतिक नवीनीकरण का प्रतीक माना जाता है

Discover why Hariyali Teej is celebrated with green attire, fasting, swings, and Shiva-Parvati worship, and explore the monsoon festival’s rituals, symbolism, and 2026 date.

आषाढी एकादशी आणि पंढरपूर वारीवर केंद्रित लेख, ज्यात लाखो वारकऱ्यांची पायी यात्रा, विठ्ठल-रुक्मिणीचे दर्शन, चंद्रभागा स्नान आणि भक्तीपरंपरेचा भावविश्वात्मक अनुभव मांडता येईल.

आषाढ़ी एकादशी से जुड़ी पंढरपुर वारी यात्रा, जिसमें वारकरी परंपरा, पदयात्रा के मार्ग, संत परंपरा (तुकाराम, ज्ञानेश्वर आदि) और सामूहिक भक्ति की अनूठी ऊर्जा को कहानी के रूप में प्रस्तुत किया जाएगा