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बोनालु उत्सवाची परंपरा आणि श्रद्धा

तेलंगणातील बोनालु उत्सवावर आधारित लेख, ज्यात आषाढ महिन्यातील देवी उपासना, महिलांचे मातीचे कलश, महाकालीची आराधना आणि स्थानिक श्रद्धा यांचा सखोल परिचय

बोनालु उत्सव: तेलंगाना में देवी उपासना, लोकसंस्कृति और आधुनिक समुदायिकता का संगम

यह लेख तेलंगाना के बोनालु उत्सव पर गहराई से प्रकाश डालेगा, जिसमें महाकाली देवी की अराधना, घरों और मंदिरों में होने वाले अनुष्ठान, पारंपरिक नृत्य-गीत, और समुदायिक सुरक्षात्मक व स्वास्थ्य-संबंधी… More »बोनालु उत्सव: तेलंगाना में देवी उपासना, लोकसंस्कृति और आधुनिक समुदायिकता का संगम

Pateti: पारसी समुदाय का नववर्ष और सांस्कृतिक विरासत का पर्व cover

Pateti: पारसी समुदाय का नववर्ष और सांस्कृतिक विरासत का पर्व

यह लेख पारसी समुदाय के महत्वपूर्ण पर्व Pateti को गहराई से समझाने पर केंद्रित होगा। Pateti शब्द की उत्पत्ति फ़ारसी ‘Patet’ से है, जिसका अर्थ स्वीकारोक्ति या पश्चाताप है, और… More »Pateti: पारसी समुदाय का नववर्ष और सांस्कृतिक विरासत का पर्व

आषाढी एकादशी आणि पंढरपूर वारीचे महत्त्व cover

आषाढी एकादशी आणि पंढरपूर वारीचे महत्त्व

आषाढी एकादशी आणि पंढरपूर वारीवर केंद्रित लेख, ज्यात लाखो वारकऱ्यांची पायी यात्रा, विठ्ठल-रुक्मिणीचे दर्शन, चंद्रभागा स्नान आणि भक्तीपरंपरेचा भावविश्वात्मक अनुभव मांडता येईल.

पंढरपुर वारी: आषाढ़ एकादशी की पदयात्रा, वारकरी परंपरा और सामूहिक भक्ति की कहानियाँ cover

पंढरपुर वारी: आषाढ़ एकादशी की पदयात्रा, वारकरी परंपरा और सामूहिक भक्ति की कहानियाँ

आषाढ़ी एकादशी से जुड़ी पंढरपुर वारी यात्रा, जिसमें वारकरी परंपरा, पदयात्रा के मार्ग, संत परंपरा (तुकाराम, ज्ञानेश्वर आदि) और सामूहिक भक्ति की अनूठी ऊर्जा को कहानी के रूप में प्रस्तुत… More »पंढरपुर वारी: आषाढ़ एकादशी की पदयात्रा, वारकरी परंपरा और सामूहिक भक्ति की कहानियाँ

जुलै महिन्यातील भारतातील प्रमुख सणांची ओळख cover

Pandharpur Yatra: a lifelong experience

As Ashadhi Ekadashi nears, memories of my February Pandharpur visit resurface. Standing before Vitthal, faith became tangible—devotion in its simplest form brought peace beyond reason. Jai Hari Vitthal.